गुवाहाटी स्थित खानापारा की ताज़ा रिपोर्ट यह है की दो दिन पहले खानापारा स्थित मेघालय साइड में हेडमेन के लिए इलेक्शन होना था, मगर वहां पर वोटिंग के सामान गंडगोल होने के कारन इलेक्शन स्थगित करना पड़ा। हुआ यूँ की वोट केवल जनजाति लोगों को देने के लिए ही नियम बनाया गया था। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और नारेबाजी की जिससे मतदान रद करना पड़ा। वहां दो उम्मीदवार मैदान में खड़े हैं। एक पहले से ही उस गाँव में हेडमेन है। उसे टक्कर देने के लिए नया उम्मीदवार मैदान में उतरा जिसका rइस्तेदार पहले से ही उस गाँव में हेडमेन रह चुके हैं।
दरअसल बात यह है की मेघालय में हेडमेन के इलेक्शन में गैर जनजाति लोग मतदान नही कर सकते हैं। खैर! वह बात अलग जब मेघालय बनने से पहले से रह-रहे लोगों को (जिनके पास इलेक्शन कार्ड भी है ) भी यह अधिकार नही दिया गया है। एक और बात गैर जनजाति गाँव (जहाँ ७५% लोग गैर जनजाति ही रहते हैं) वावजूद उन्हें यह अधिकार नही दिया गया है।
समाचार यह है की उस गाँव में एक उम्मीदवार जो पहले से ही वहा हेडमेन है उसने गैर जनजाति लोगों का साथ में लिया है और उन्हें अधिकार देने की बात कहता है। मगर वैसा नही है वह सिर्फ इलेक्शन जितने के लिए गैर जनजाति लोगों में सिर्फ उन ही लोगों का साथ ले रहा है जो नेपल से बिलोंग रखतें हैं। जिनके पास नेपाल का भी सिटिज़न कार्ड भी है। अगर पुराना हेडमेन उस गाँव में रहने वाले जो यहीं के लोकल हैं वैसे लोगों को साथ लेकर चलता तो उसे और सुप्पोर्ट मिलती।
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